और भाजपा ने खोया UP का सबसे बड़ा नेता, अचानक हुई दुखद मौत , मोदी भी रो पड़े !

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भाजपा सांसद व जिले के दिग्गज नेता हुकुम सिंह का आज देर शाम नोएडा के जेपी अस्पताल में निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। उनके निधन से सियासी हल्के में शोक छा गया।

भाजपा सांसद बीते साल कैराना में रंगदारी और वहां से व्यापारियों के पलायन प्रकरण को लेकर काफी चर्चाओं में आए थे। वह प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की सरकारों में संसदीय कार्य मंत्री समेत अहम पदों पर रह चुके थे। भाजपा सांसद हुकुम सिंह पिछले माह फेफड़े में संक्रमण के कारण जेपी अस्पताल में भर्ती किए थे। वह काफी दिनों से वेंटिलेटर पर थे। हुकुम सिंह के निधन की खबर सुनकर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय तत्काल जेपी अस्पताल पहुंच गए। हुकुम सिंह की गिनती पश्चिमी उत्तर के दिग्गज नेताओं में थी। इस खबर से मुजफ्फरनगर और शामली के सियासी हल्के में शोक छा गया।

वकीलों के बीच काफी लोकप्रिय होने पर उन्होंने बार अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और 1970 में चुनाव जीत भी गए। यहीं से उनकी राजनीति की शुरुआत हो गई। 1974 तक उन्होंने इलाके के जनआंदलनों में हिस्सा लिया और लोकप्रिय होते चले गए। हालत ऐसे हो गए थे कांग्रेस और लोकदल दोनों बड़े राजनीतिक दलों ने टिकट देने की बात कही।

वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और चुनाव जीत भी गए। हुकुमसिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बन चुके थे। 1980 में उन्होंने पार्टी बदली और लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ा और इस पार्टी से भी चुनाव जीत गए। तीसरी बार 1985 में भी उन्होंने लोकदल के टिकट पर ही चुनाव जीता और इस बार वीर बहादुरसिंह सरकार में मंत्री बनाए गए। बाद में जब नारायण दत्त तिवारी मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने हुकुमसिंह को राज्यमंत्री के दर्जे से उठाकर कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया।

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