छात्रा का सनसनीखेज ख़ुलासा: नंबर देने के नाम पर मेरे साथ टीचर ने की बदसलूकी पहले निजी अंगों को छुआ और फिर…

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‘उन्होंने मेरे कूल्हों पर हाथ लगाया और नंबर काटने की धमकी दी और उसके बाद…’ ये एक पाकिस्तानी छात्रा की आपबीती है जो उसने अपनी फेसबुक पोस्ट के जरिये बताई है. ये छात्रा इस्लामाबाद के एक नमी स्कूल है और उसने पानी फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करके बताया कि कैसे परीक्षा के दौरान उसे साथ और वहां मौजूद और छात्राओं के साथ परीक्षक से किस तरह यौन दुर्व्यवहार किया.

छात्रा से बताई अपनी आपबीती…
इस पाकिस्तानी लड़की ने अपनी फेसबुक पोस्ट में बताया कि बायोलॉजी की प्रैक्टिकल परीक्षा के समय सदत बशीर नाम का एग्जामिनर परीक्षा हॉल में नंबर देने के बहाने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया. बशीर प्रैक्टिकल एग्जाम लेने स्कूल में आये थे. पीड़ित लड़की ने बताया कि “उन्होंने पहले मेरे कूल्हों पर हाथ लगाया और फिर एग्जाम में नंबर काटने की धमकी दी उसके बाद मेरी ब्रा की स्ट्रेप टटोली.” ये सिर्फ एक लड़की की शिकायत नहीं है बल्कि ऐसी और भी लड़कियां हैं जिनके साथ इस टीचर ने यौन दुर्व्यवहार किया. इस बारे में अब कई लड़कियों ने खुल बोला है कि उनके साथ भी ऐसा हुआ था.

और भी छात्राओं ने बताई अपनी आपबीती…
एक दूसरी छात्रा ने अपनी फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट शेयर करके बताया कि ‘बशीर उसपर घटिया कमेंट्स किये और जबरदस्ती उसे गलत तरीके से छुआ’. वहीँ एक छात्रा ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि उनसे बशीर को लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा था. छात्रा ने बताया कि सब लड़कियां बहुत डर गई थी लेकिन फिर भी हमने एक स्टाफ के सदस्य को इस बारे में बताया तो उन्होंने रिज़ल्ट के डर से चुप रहने की हिदायत दी.

सदत बशीर ने अपने ऊपर लगे आरोपों की सफाई दी…
छात्राओं की शिकायतों के बाद पाकिस्तान परीक्षा विभाग ने एक्सामिनर सदत बशीर के खिलाफ एक जांच समिति बैठाई है. बता दें बशीर अपने ऊपर लगे इन आरोपों से साफ़ मना कर रहे हैं. उन्होंने बीबीसी से बातचीत में बताया कि “मेरे ऊपर लगे आरोपों का कोई आधार नहीं है, ये लड़कियां मुझ पर ये ऐसे आरोप इसलिए लगा रही हैं क्योंकि मैं बहुत स्ट्रिक्ट हूँ और एग्जाम में किसी को भी एक्स्ट्रा नंबर नहीं दिए.”

पाकिस्तान के बहुत सारे लोगों ने मिलकर इन छात्राओं के समर्थन में #MeToo और #TimesUp कैंपेन चलाया है. छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के खिलाफ 20,000 से भी ज्यादा लोगों ने इस याचिका पर अपने हस्ताक्षर किये हैं.

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