पिता के शव को छोड़कर गयी थी परीक्षा देने लेकिन जब रिजल्ट आया तो..

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वो कहते हैं ना कि अगर आपके इरादे मजबूत हैं तो सफलता निश्चित ही आपके कदम चूमेगी. अक्सर लोगों के सामने कभी-कभी ऐसी समस्याएं आ जाती हैं जिनसे निपटना बड़ा कठिनाई का काम होता है लेकिन वहीँ आपके इरादे मजबूत हों तो आप समस्या का अवश्य हल जरुर कर सकते हैं. ऐसे समय में हिम्मत से काम लेना ही उचित होता है. आज हम आपको एक ऐसा ही अजीबो-गरीब मामला बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आपके भी होश उड़ सकते हैं. आप भी यकीन नहीं कर पायेंगे ऐसे समय में इतनी हिम्मत लाना एक बड़ी बात है.

क्या है पूरा मामला?
अभी हाल ही में 10th क्लास सीबीएससी बोर्ड का परिणाम 29 मई को आया है. परिणाम आने के बाद छात्रा ख़ुशी का ख़ुशी दोगुनी हो गयी क्योंकि उसने 10th की परीक्षा ऐसी स्थिति में दी थी कि जानकर आप भी रो देंगे. अब उसका परिणाम आ गया है और उसने 75 प्रतिशत अंकों के साथ ये परीक्षा पास कर ली है. आइये बताते हैं आपको ख़ुशी की दर्दभरी कहानी जिसे जानने के बाद आपके भी होश उड़ जायेंगे.

पिता का शव छोड़कर देने गयी थी परीक्षा
बात 28 मार्च की है जब ख़ुशी का गणित का पेपर था. पेपर से के दिन पहले 27 मई को उसके राजेश श्रीवास्तव का आकस्मिक निधन हो गया था. पिता के निधन होने के बाद ख़ुशी रातभर पिता के शव के पास बैठकर रोती रही. अगले ही दिन उसकी गणित की परीक्षा थी. अब ऐसे में भला कौन पेपर देने जायेगा. ठीक वैसा ही हाल ख़ुशी का भी था. जब वह परीक्षा देने नहीं जा रही थी तो घरवालों ने ख़ुशी को समझाया और परीक्षा देने को कहा जिसके बाद ख़ुशी ने बड़ी हिम्मत करके पेपर देने को हामी भरी. पेपर देकर वो अपने घर वापस आ गयी थी. अब जब परीक्षा का परिणाम आया तो ख़ुशी समेत सभी घरवालों के होश उड़ गये.

जी हाँ ख़ुशी ने पूरे 75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर घरवालों का नाम रोशन कर दिया है. किसी ने उम्मीद भी नहीं की होगी कि वह पास भी हो पाएगी या नहीं? ख़ुशी अपने मजबूत इरादों पर खरी उतरी. रिजल्ट देखने के बाद उसकी आँखों में आंसू आ गये थे. परिणाम आने के बाद ख़ुशी को अपने पिता की याद आ गयी और वो बोली कि अगर इस समय पापा होते तो बहुत खुश होते. ख़ुशी ने दिखा दिया है कि कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों ना हो अगर आपके इरादे मजबूत हो असंभव कुछ नहीं है.

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